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Saturday, February 24, 2024

स्वास्थ कारणों की वजह से अदालत ने एनसीपी नेता नवाब मलिक की अंतरिम जमानत को तीन महीने के लिए बढ़ाई

एनसीपी के वरिष्ठ नेता व महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक जो पिछले साल मनी लांड्रिंग मामले में जेल जाना पड़ा था उन्हें 11 अगस्त को स्वास्थ कारणों की वजह से शीर्ष अदालत ने जमानत दे दी थी वही एक बार फिर मालिक की अंतरिम जमानत को अदालत ने तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है।जस्टिस अनिरुद्ध बोस और बेला एम त्रिवेदी की 2-जजों की बेंच ने जमानत बढ़ा दी क्योंकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार नहीं हुआ है और उनकी एक किडनी खराब हो गई है। जांच एजेंसी, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी), तुषार मेहता ने चिकित्सा आधार पर मलिक को जमानत देने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ एनसीपी नेता मलिक मार्च 2022 से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें इस साल 11 अगस्त को पहली बार अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था। मलिक के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से गुहार लगाई थी कि मलिक की शारीरिक स्थिति गंभीर है क्योंकि वह किडनी की विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं और उनकी दाहिनी किडनी की स्थिति बिगड़ रही है। सिब्बल ने यह भी कहा कि मलिक किडनी की बीमारी के कारण पिछले 20 महीने से इलाज करा रहे हैं। मेहता ने कहा कि चिकित्सा आधार पर निर्धारित अवधि के लिए जमानत दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।

आप को जानकारी होगी की ,ईडी ने आरोप लगाया था कि मलिक ने डी-गैंग के सदस्यों, इब्राहिम की बहन, हसीना पार्कर और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर 1999 और 2006 के बीच मुंबई के कुर्ला में अवैध रूप से एक संपत्ति हड़प ली थी। एजेंसी, ईडी ने आरोप लगाया था कि चूंकि पार्कर कुख्यात गैंगस्टर और वैश्विक आतंकवादी के अवैध कारोबार को संभालती थी, इसलिए मलिक ने कथित तौर पर उसे जो पैसा दिया था, उसका इस्तेमाल अंततः आतंकी फंडिंग के लिए किया गया था, पूर्व विधायक पर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए थे।

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