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Thursday, February 22, 2024

2024-25 शैक्षणिक सत्र में मेडिकल कॉलेजों को उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता के आधार पर दी जाएगी रेटिंग

2024-25 शैक्षणिक सत्र से, देश के सरकारी और निजी दोनों मेडिकल कॉलेजों को उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता के आधार पर रेटिंग दी जाएगी। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने जुलाई में चिकित्सा संस्थानों की रेटिंग का आकलन करने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

एनएमसी के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड के सदस्य डॉ. योगेन्द्र मलिक ने मंगलवार को कहा कि वर्तमान में, केवल सरकारी मेडिकल कॉलेज ही राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में भाग लेने के लिए बाध्य हैं। उन्होंने कहा,क्यूसीआई उत्पादों, सेवाओं के स्वतंत्र तृतीय-पक्ष मूल्यांकन के लिए एक तंत्र प्रदान करता है और इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त परीक्षण, निरीक्षण और प्रमाणन निकायों की राष्ट्रीय मान्यता के माध्यम से गुणवत्ता को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा,यह पहली बार है कि मेडिकल कॉलेजों का मूल्यांकन और रैंकिंग कई मापदंडों के आधार पर की जाएगी। यह पहल जवाबदेही लाएगी, उच्च मानकों का पालन करेगी और छात्रों को सही मेडिकल कॉलेज चुनने में मदद करेगी।एनएमसी का मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) नए मेडिकल कॉलेजों के लिए अनुमति देने, एमबीबीएस/पीजी/सुपर-स्पेशियलिटी सीटों की वृद्धि और मौजूदा मेडिकल कॉलेजों के लिए अनुमति के नवीनीकरण के लिए निरीक्षण करने के लिए जिम्मेदार है।

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