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Thursday, April 11, 2024

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इसराइल ने गाजा के अस्पताल पर किया एयर स्ट्राइक,बच्चो समेत गई 700 से अधिक लोगो की जान

पिछले 12 दिनों से चल रहे इसराइल और फिलिस्तीनी संगठन हमास के बीच हजारों लोगो की अभी तक जान जा चुकी है लेकिन इसराइल की ओर से की गई गाजा की घेराबंदी से गाजा के लोगो को जरूरत की चीजों का भारी मात्रा में किल्लत का सामना करना पड़ रहा है जैसे दवाई,साफ पानी की जगह गंदा और समंदर का खारा पानी पीने को मजबूर है,वही कल इसराइल की सेना ने गाजा के एक बड़े अस्पताल पर एयर स्ट्राइक कर दिया जिसमे अधिकांस बच्चों समेत करीब 700 से अधिक लोगो की मौत हो चुकी है जिसको लेकर दुनिया के कई देशों ने इसकी आलोचना की है।वही युद्ध की अराजकता के दौरान कानून लागू करना कठिन है। जटिलताओं और चुनौतियों के कारण संघर्ष के बाद अपराधियों को जवाबदेह ठहराना अक्सर असंभव होता है। लेकिन ऐसे स्पष्ट सबूत हैं जो दिखाते हैं कि फिलिस्तीनी समूह हमास और इज़राइल दोनों युद्ध की शुरुआत के बाद से अंतरराष्ट्रीय कानूनों को तोड़ रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, कुछ नियम हैं जिनका पालन सबसे चुनौतीपूर्ण समय में भी किया जाना चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, ‘हमास के हमले फिलिस्तीनी लोगों की सामूहिक सजा को उचित नहीं ठहरा सकते। यहां उन अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर नजर डालें जिन्हें इज़राइल और हामान द्वारा तोड़ा जा रहा है और आईसीसी और संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां उन्हें युद्ध अपराध करने से कैसे रोकती हैं ।

युद्धकाल में नागरिकों, घायलों और कैदियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए। हत्या, यातना, बंधक बनाना और “अपमानजनक और अपमानजनक व्यवहार” पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, लड़ाकों को दूसरे पक्ष के बीमारों और घायलों का इलाज करना होगा। 1949 में चार सम्मेलनों में इन नियमों पर सहमति हुई। युद्ध अपराध जैसे नागरिकों, नागरिक बस्तियों या मानवीय कार्यकर्ताओं पर हमले, संपत्ति को नष्ट करना जहां सैन्य रूप से आवश्यक नहीं है, यौन हिंसा और गैरकानूनी निर्वासन अवैध हैं। अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय द्वारा युद्ध के कानून में इसका हवाला दिया गया है।

हमास ने इजरायली शहरों पर कई रॉकेट लॉन्च किए और 7 अक्टूबर को गाजा की सीमा में घुसपैठ की, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों सहित नागरिकों को निशाना बनाया गया। इज़राइल ने संघर्ष में हताहतों, मौतों और अपहरण की सूचना दी थी जिसके बाद इसराइल की सेना ने गाजा पर जवाबी कार्येवाई करते हुए हजारों निर्दोष फिलिस्तीनियो को मौत के घाट उतार दिया है,वही दुनिया का दोगलापन देखिए की इसराइल की इस क्रूरता पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है बल्कि उल्टे इसराइल के हमलों का समर्थन कर रहे है।

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