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Wednesday, April 10, 2024

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महिला आरक्षण विधेयक पारित कराना स्वर्गीय राजीव गांधी का सपना था – सोनिया गांधी

लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को महिला आरक्षण विधेयक पेश किया जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का प्रावधान करता है। लोकसभा में आज सुबह 11 बजे बिल पर चर्चा शुरू हुई। सोनिया गांधी ने बिल पर संसद में बहस शुरु की और कहा, महिला आरक्षण विधेयक पारित कराना राजीव गांधी का सपना था।

कांग्रस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बुधवार को सरकार से आग्रह किया कि ‘नारीशक्ति वंदन विधेयक’ के कानून बनने के साथ इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए क्योंकि इसे लागू करने में देरी भारत की महिलाओं के साथ घोर नाइंसाफी होगी। उन्होंने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के प्रावधान वाले ‘संविधान विधेयक, 2023’ का समर्थन किया और यह भी कहा कि जाति जनगणना करा कर इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) की महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए।

विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने में अपने पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान को याद किया और कहा कि इस महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने से उनके दिवंगत पति का अधूरा सपना पूरा होगा। उन्होंने कहा,पिछले 13 वर्षों से महिलाएं अपनी राजनीतिक भागीदारी का इंतजार कर रही हैं, अब कुछ और वर्ष तक इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है…क्या यह बर्ताव उचित है? सोनिया गांधी ने कहा कि इस विधेयक को फौरन अमल में लाया जाए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया, ‘‘जाति जनगणना कराकर एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए। इसके लिए जो कदम उठाना जरूरी है, उसे उठाना चाहिए। सोनिया गांधी का कहना था कि इस विधेयक को लागू करने में देरी करना भारत की स्त्रियों के साथ घोर नाइंसाफी है। उन्होंने कहा,मेरी मांग है कि इस विधेयक के रास्ते के रुकावटों को दूर करते हुए जल्द से जल्द से लागू किया जाए।

महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के लिए लोकसभा में आज सुबह 11 बजे से सात घंटे का समय था। विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व का प्रस्ताव है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम नामक विधेयक को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में पेश किया। यह परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होगा और इसलिए 2024 में अगले लोकसभा चुनाव के दौरान इसके लागू होने की संभावना नहीं है।

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