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Thursday, June 20, 2024

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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से पराली जलाने की समस्या का समाधान करने को कहा

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बार फिर ओड एवं का नियम राज्य में लगा दिया है,वही सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि राज्य सरकार को राज्य में पराली जलाने की समस्या का समाधान ढूंढना चाहिए. शीर्ष अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यह मुद्दा हर समय राजनीतिक लड़ाई नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए वाहनों के लिए ऑड-ईवन जैसी योजनाएं महज़ दिखावा हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार, 10 नवंबर को तय की है।

हम चाहते हैं कि यह बंद हो। हम नहीं जानते कि आप यह कैसे करते हैं, यह आपका काम है। लेकिन इसे रोका जाना चाहिए. तुरंत कुछ करना होगा, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब से कहा।

वायु प्रदूषण मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने कहा कि सप्ताहांत में पंजाब से यात्रा करते समय उन्होंने सड़क के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर आग देखी, उन्होंने पंजाब में बड़े पैमाने पर पराली जलाने का जिक्र किया, जिससे दिल्ली की हवा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के मुख्य सचिवों को प्रदूषण के मुद्दे पर फिजिकली या जूम के जरिये बैठक करने को भी कहा.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में धुंध के घने बादल छाए हुए हैं और महानगर भर में हवा की गुणवत्ता मंगलवार को भी ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। सीपीसीबी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 440, नरेला में 388, पंजाबी बाग में 434, आरके पुरम में 431 और शादीपुर में 408 दर्ज किया गया, जो सभी गंभीर श्रेणी क्षेत्र में हैं। इस सप्ताह लगातार छठे दिन शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक बना हुआ है।

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