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Saturday, February 24, 2024

दिल्ली अध्यादेश बिल आज होगा सदन में होगा पेश।

लंबे समय से जारी दिल्ली अध्यादेश को लेकर आज केंद्र सरकार सदन में बिल पेश करने वाली है,उसी के मद्देनजर
आम आदमी पार्टी ने अपने सभी राज्यसभा सांसदों को 31 जुलाई से 4 अगस्त तक सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। व्हिप राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार विधेयक, 2023- चर्चा और पारित करने” के मद्देनजर जारी किया गया है। दिल्ली सेवा याh अध्यादेश विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किये जाने की संभावना है.वाहआप सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली अध्यादेश बिल को अलोकतांत्रिक और संविधान के खिलाफ बताया. आगे कहा की यह अध्यादेश जो आज संसद में पेश किया जाएगा, अलोकतांत्रिक है। यह न केवल देश के संविधान के खिलाफ है, बल्कि दिल्ली के 2 करोड़ लोगों के खिलाफ भी है। बीजेपी समझ गई है कि वे दिल्ली में खत्म हो गए हैं, इसलिए उनके आलाकमान ने यह कदम उठाया है। दिल्ली सरकार को नष्ट करने का निर्णय है

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार विधेयक, 2023, अध्यादेश का स्थान लेता है, जिसे इस साल मई में घोषित किया गया था।

सरकार अब चालू मानसून सत्र में अपने विधायी कामकाज पर जोर दे रही है, जो शुरू होने के बाद से मणिपुर मुद्दे पर लॉगजाम के कारण बाधित हो गया है। सूत्रों ने सोमवार को कहा कि विवादास्पद विधेयक की एक प्रति सभी सांसदों को वितरित कर दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023, मई में केंद्र द्वारा लाए गए अध्यादेश को बदलने का प्रयास करता है, जिसे दिल्ली विधान सभा की विधायी क्षमता से बाहर रखा गया है। यह अध्यादेश दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ दिनों बाद लाया गया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी दलों का समर्थन मांग रहे हैं।

हम आप को बता दे की,भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन के सदस्य संसद में विधेयक का विरोध करेंगे, जबकि सरकार ने विधेयक पारित होने का विश्वास जताया है।

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