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Saturday, February 24, 2024

िक्रम 1,मल्टी-स्टेज लॉन्च वाहन के 2024 की शुरुआत में अंतरिक्ष में अपनी पहली उड़ान भरने की ओर अग्रसर

भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने देश के पहले निजी तौर पर डिजाइन और विकसित ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट का अनावरण किया, जिसे विक्रम 1 नाम दिया गया है। मल्टी-स्टेज लॉन्च वाहन के 2024 की शुरुआत में अंतरिक्ष में अपनी पहली उड़ान भरने की उम्मीद है। रॉकेट का अनावरण हैदराबाद में कंपनी के नवीनतम मुख्यालय मैक्स-क्यू में किया गया, जिसका उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया।

विक्रम-1 रॉकेट का अनावरण करते हुए स्काईरूट के सह-संस्थापक और सीओओ भरत डाका ने कहा,यह बहुत गर्व का क्षण है। सह-संस्थापक पवन के चंदना ने कहा कि कंपनी में वर्तमान में लगभग 300 कर्मचारी कार्यरत हैं और उसे 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी के पास दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी रॉकेट विकास केंद्र है.

1) प्रक्षेपण यान का नाम विक्रम विक्रम साराभाई को श्रद्धांजलि है, जिन्हें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है।

2) स्काईरूट के अनुसार, विक्रम-1 दुनिया के कुछ ‘कुलीन’ रॉकेटों में से एक है जो कक्षीय उपग्रहों को तैनात करने में सक्षम है।

3) स्काईरूट के अनुसार, विक्रम-1 वाहन 290-480 किलोग्राम वजन के पेलोड को पृथ्वी से 500 किलोमीटर ऊपर की कक्षाओं में पहुंचाने की क्षमता रखता है।

4) रॉकेट का निर्माण पूरी तरह से कार्बन-बॉडी से किया गया है और यह कई उपग्रहों को कक्षा में लॉन्च करने में सक्षम है। इसके अतिरिक्त, इसमें 3डी-प्रिंटेड लिक्विड इंजन लगे हैं।

5) विक्रम-1 सात मंजिला इमारत जितना ऊंचा है। विक्रम-एस के बाद यह कंपनी का दूसरा रॉकेट है। विक्रम एस देश का पहला निजी तौर पर निर्मित रॉकेट था, जिसे नवंबर 2022 में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था।

6) पिछले साल विक्रम-एस रॉकेट लॉन्च करने के बाद, स्काईरूट आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सुविधा से एक निजी रॉकेट लॉन्च करने वाली देश की पहली फर्म बन गई।

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